
*प्रेस विज्ञप्ति: लखनऊ भीषण अग्निकांड में दिवंगत छात्र/छात्राओं को श्रद्धांजलि 🙏*
लखनऊ अग्निकांड में दिवंगत विद्यार्थियों को वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
चंदौसी, संभल, 23 जून 2026।
वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन, जिला संभल द्वारा आज नगर चंदौसी के स्टेशन रोड स्थित शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में दिवंगत हुए 14 विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां प्रज्वलित कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान *जिला अध्यक्ष आकाश कुमार* ने कहा कि लखनऊ में हुई यह दुःखद घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। मासूम विद्यार्थियों का इस प्रकार असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
*दिनेश पाल सिंह ‘दिव्य’ मण्डल उपाध्यक्ष* उन्होंने कहा कि वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन, जिला संभल की समस्त इकाई इस दुःख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है तथा उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। संगठन ने दुर्घटना में घायल विद्यार्थियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत विद्यार्थियों को नमन करते हुए उनकी स्मृति में मौन श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी दुःखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
15 मासूम बच्चों की जान. ये सिर्फ खबर नहीं,15 घरों का उजड़ जाना है । 15 मांओं की कोख सूनी, 15 पिताओं के कंधे झुक गए। अलीगंज, लखनऊ की ये घटना दिल दहला देने वाली है। बच्चे तो सपने लेकर कोचिंग गए थे डॉक्टर, इंजीनियर बनने। लौटी सिर्फ राख और चीखें।
NOC देने वाले अफसरों ने अगर रिश्वत लेकर आंख मूंदी, तो भ्रष्टाचार आपराधिक लापरवाही में इन्हें भी जेल होनी चाहिए।
इस अवसर पर संजय सृजन,डॉ.डी.के.अग्निहोत्री,
दिनेश पाल सिंह,वीके त्रिपाठी,अभिनव वार्ष्णेय,अनिल गोस्वामी,भुवनेश बघेल,रोहित सैंजनी,सतेंद्र दिवाकर,डी.के. मौर्य,सतेंद्र मौर्य,प्रदीप मौर्य,मनीष कुमार,विवेक चौहान नीलेश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।




