
डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल का वह अद्भुत नाम है जो साहित्य जगत में ख्यातीप्राप्त कर देश ही नहीं विदेशों में दस्तक देता हुआ अद्भुत छाया नाम है
आज उनकी हर सोशल मीडिया पोस्ट पर विडियो पर बेहिसाब विश्व के अनेक अनेक देशों का बेशुमार प्यार और आशीष देखा जा सकता हैं, जिसे देख ख़ुद डॉ रामशंकर चंचल कहते है कि आज तक नहीं जान पाया हूं इस ईश्वरीय आशीष को पता नहीं क्यों इतना प्यार और आशीष मिलता हैं परम् शक्ति ईश्वर को सत् सत् प्रणाम करता हूं प्रणाम करता हूं उस ईश्वर तुल्य रूह को जो मुझ जेसे नाचीज़ को इतना प्यार और आशीष दे ऊर्जा प्रदान कृति हैं वंदनीय है विश्व धरा के देश और दुनिया के तमाम मानव मात्र पशु पक्षी सभी को सत् सत् प्रणाम के सिवा और की कर सकता हूं
धन्य है झाबुआ की पावन पवित्र धरा को जन्म हुआ इस फ़कीर का
सतत् वंदन सभी को प्यार और आशीष बना रहे सदा ईश्वर से प्रार्थना करता हूं




