
आज कुछ अच्छा लगा
क्यों यह बताने की
जरूरत नहीं है
तू तो जानता है
और तेरे सभी देवत्व
इंसान पुत्र देस और दुनिया के
भी सभी जानते है
पता नहीं क्या चाहता था तू
खैर तेरी बात ही अलग है
यूं ही भगवान थोड़ी है
जो होगा और अच्छा होगा
यही तो तू गीता में बोलता आया है प्रभु
इंतजार रहेगा तेरी दुनियां का
जहां सभी प्रणियों को
सुख सुकून मिले और
देश और दुनिया में अमन
शांति हो
सत् सत् प्रणाम प्रभु
इस नाचीज़ फकीर का
वैसे तो दुनियां में
तुझ से मिलने वालो की
कमी नहीं है रोज़ रोज़
दस्तक देते हैं
तेरे दरवाजे पर
वो जाने तू जाने
तू ईश्वर है
तुझसे अच्छा कोई नहीं
जनता है यह
आज मेरा प्रणाम स्वीकार कर
स्नेह प्यार और आशीष दे
जैसा हूं अच्छा हूं
प्रभु
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश




