
मध्य प्रदेश के आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ में दस्तक देते जन्म से निवास डॉ रामशंकर चंचल साहित्य जगत में वह अद्भुत तेजस्वी सूरज है जिसका प्रकाश न केवल झाबुआ जिले को प्रदेश और देश के लिए भी सम्मान और आदर का विषय है देखे उनकी खास उपलब्धियां जो चौका देती है कि झाबुआ जैसे ग्रामीण अंचल में भी ऐसे विरले महान् व्यक्ति साहित्य साधक हैं
1 देश के ख्यातीप्राप्त सैकड़ों पत्र और पत्रिकाओं में बेहिसाब छाया हुआ सम्मान जनक नाम डॉ रामशंकर चंचल जिनकी रचनाओं की प्रकाशित पत्रिकाओं से बिस्तर पट्टी भरी है तीस चालीस साल तक सतत् सक्रिय हो प्रकाशित होते है आज देश के ख्यातीप्राप्त महान व्यक्तित्व साहित्य साधक है
2 देश के ख्यातीप्राप्त बड़े प्रकाशनों से इलाहाबाद, उज्जैन, नई दिल्ली आदि आदि से दस्तक देती अनेक अनेक राष्ट्रीय प्रकाशन कृतियाँ है
3 ये प्रकृतियां देश के ग्रामीण अंचल में पाठ्य सामग्री में वाचनालयों में मध्य प्रदेश बिहार उतर प्रदेश जैसे हिंदी भाषा प्रान्त में दस्तक दे रही हो वहीं फिर केंद्रीय विद्यालय देश के ख्यातीप्राप्त स्कूलों के पाठ्यक्रम में कक्षा 5से 11वी तक शामिल है
4 सैकडो सैकडो राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से घर भरा है
भोपाल, इंदौर,बम्बई सहित अनेक शहरों से चर्चित संस्थाओं द्वारा सम्मानित है
5 फिर विगत पंद्रह साल से सोशल मीडिया पर दस्तक देता हुआ अद्भुत छाया हुआ नाम है जिसके लाखों लाखों चाहने वाले हैं जो उनकी रचनाओं को उनके ही उम्दा स्वर में सालो से यूं ट्यूब पर सुन रहे हैं और पढ़ रहे हैं चर्चित समाचार पत्र पत्रिका में छाई हुई विश्व धरा पर दस्तक देती
,6 देश और दुनिया को झाबुआ के जन जीवन पर दस्तक देती रूहानी प्रेम पर दस्तक देती अद्भुत अद्भुत उपलब्धि लिए चर्चित कृतियों को 14 वीं भेंट कर चुके हैं जो चौकने वाला देश और दुनिया को है
उनकी रचनाओं की लोकप्रियता यह है कि आज देश और दुनिया की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है जो उस भाषा के गरिमामय हस्तियों द्वारा बहुत बहुत उम्दा अनुवाद हुआ और उन्हीं के अद्भुत स्वर में पढ़ा गया यूं ट्यूब पर विडियो को हजारों हजारों द्वारा सुन सराही गई
इतना कुछ है जो बहुत बहुत मुश्किल है उसे किसी आलेख में बांध पाना सच तो यह है कि जितना लिखा जाय कम होगा पांचस सालों से सतत् सक्रिय साधना और तपस्या की हिंदुस्तान की अद्भुत साहित्य मिसाल साधक है डॉ रामशंकर चंचल गर्व है झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी जिले में गर्व है देश और दुनिया को झाबुआ के महान व्यक्तित्व साहित्य साधक हिंदी भाषा में व्यक्त जीवंत सजीव रचनाओं को देश और दुनिया तक पहुंचाने के लिए हिंदी को अद्भुत गर्व महसूस कराने वाले डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ धन्य हुआ झाबुआ धन्य हुआ उनका जीवन कर्म और साधना वंदनीय वंदनीय है




