साहित्य

दोस्त बिना जीवन अधूरा 

डॉ उषा अग्रवाल

बिन खून के रिश्ते से जो मिले वो दोस्त है

दोस्त बिना अधूरी रहता जीवन सारा |

 

दोस्त अगर सच्चा तो दुनियां से डरना क्या

साथी बन जाता रिश्ता निभाता हर डगर |

 

वही दोस्त सच्चा बात कडंवी मुंह पर कहे

पीठ पीछे सदा उसकी बढ़ाई करता रहे |

 

दोस्त अकेला एक हो दिल की जो कह सके

दोस्ती निभा सच की राह जो सच में बता रहे |

 

बचपन की दोस्ती जिंदा रहती है हमेशा सदा

आज के दोस्त मुसीबत में हाथ छोड़ देते हैं |

 

पुराने वो साथी जो खेल सदा एक होकर रहे

दूर भी हों अगर तो फोन पर बात करते रहे |

 

वही मित्रता सच्ची है जो दिल से निभई तुमने

कृष्ण सुदामा सी दोस्ती सदा अपनी बनाई हमने‌ |

 

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण छतरपुर मध्यप्रदेश

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