
मरहठा छंद
है दिव्य तिरंगा ,भव्य तिरंगा , भारत माँ की शान।
दे वीर – शक्ति है , देश – भक्ति है, जन -गण -मन का गान।।
है मिट्टी चंदन, करते वंदन , भारत की पहचान ।
यह राष्ट्र गर्व है , अमृत पर्व है , स्वतंत्रता की तान ।।
2
दी है आजादी , सुख हर वादी , सत्य अहिंसा राह।
हो जग गुरु भारत , करते चाहत , देता मन उत्साह।।
ध्वज लहरा हर घर , अंदर – बाहर , सजित हिमालय राज।
जन दे कुर्बानी , हर सेनानी, करती दुनिया नाज।।
3
है लहर तिरंगा , डगर तिरंगा , लहराया हर हाथ।
बन कीर्ति चमक यह, प्रीति दमक यह , चमका लेकर साथ।।
है देश लाज यह , भूत आज यह , भारत बना महान।
की खत्म गुलामी , करें सलामी , बूढ़ा बड़ा जवान।।



