ज़िन्दगी जीते रहे माता- पिता।
पालते बच्चे रहे माता – पिता।
हो गये बच्चे सयाने फिर भी तो,
दर्द को जीते रहे माता – पिता।
ढूंढते खुशियां जहां की रात- दिन,
आंख का आंसू रहे माता -पिता ।
हो बड़े परदेश में जा बस गये,
तिनका-तिनका सुख रहे माता-पिता।
बेटे सुख के सिन्धु में डूबे हुए,
और दुःख ढोते रहे माता -पिता।
वाई.वेद प्रकाश




