
चंद लम्हों की ये मुलाक़ात है यारों,
पर दिल में चंद यादें छोड़ गई।
चंद हँसियों ने चुप्पी को तोड़ा,
चंद आंसुओं ने दिल को भिगो दिया।
चंद पल साथ बिता कर हम,
चंद ख़्वाबों को सच कर बैठे।
चंद बातें, चंद मुस्कानें,
चंद अरमानों को जगाकर गए।
चंद यादें संग हमारे रह जाएँगी,
चंद लम्हे कभी ना भूल पाएँगे।
चंद मुलाक़ातें, चंद बातें,
जीवन को एक मधुर गीत बना जाएँगी।
चंद रस्ते, चंद मंज़िलें,
सब मिलकर एक कहानी कहते हैं।
चंद पल का साथ, चंद यादों की बात,
ज़िंदगी को चिरस्थायी प्यार दे जाते हैं।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश में




