साहित्य

वह लड़की याद आती है ,भाग 3

डॉ रामशंकर चंचल

वह लड़की
याद आती है
जो अपनी अद्भुत
प्रतिभा के बल पर
शहर की बेहद चर्चित
हायर सेकेंडरी स्कूल में
प्रवेश पा जाती हैं
याद आती है
जिला निबंध में
नारी श्रृष्टि की अद्भुत जननी
पर उसने उम्दा सटीक लेखन से
जिला स्तर पर दस्तक दे
मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर
देश में नई दिल्ली में
भाग लेता हुए
वहां भी अच्छा प्रदर्शन कर
झाबुआ का गौरव बन गई थी
याद आती है
उसकी बुलंद आवाज
और तेज़ जो किसी
दुर्गा , लक्ष्मी और इंदिरा गांधी की
महिमा से कम नहीं था
यदि आता है
वह लड़की जिसने
गांव की अपनी धरा को
महान बना कर साबित कर दिया था
प्रतिभा कोई किसी शहर की
मोहताज नहीं होती हैं
प्रतिभा किसी जाति धर्म राजनीति की मोहताज नहीं होती हैं
प्रतिभा कोई किसी जैक
चैक की मोहताज नहीं होती हैं
सचमुच बेहद कमाल की थीं
वह लड़की
याद आती है
मैने भी उसे सुना और
चकित रह गया था
यह वह लड़की
जो कभी मेरी गांव की शाला में
पड़ी और आज देश में छाई है
सचमुच बेहद अच्छा लगा था मुझे
याद आती है
वह लड़की
निरमा जो आज
देश के चर्चित बहुत बड़े
विश्व विद्यालय में
पढ़ रहीं है
और अपनी उपस्थिति दर्ज करने के साथ साथ
विश्व विद्यालय का नाम भी
रौशन कर रही है
याद आती हैं
उसका अद्भुत निष्ठा और आत्मा विश्वास से पढ़ना और अपने
सपने को, अपने अथक परिश्रम से
लगन और मेहनत से पूरा करना
लड़की कितनी जल्दी
इतिहास रच रह गई और
अपनी नारी शक्ति की अद्भुत महिला
कभी लिखे गए
उसके निबंध को सार्थक कर रही हैं
लडकी आज उस चर्चित देश के
कालेज की शान है
लड़की जिसकी अद्भुत
सुडोल आँखें में
तैरते हैं सपने हैं जो
अपने गांव का
माता पिता का नाम
रौशन करना चाहती है
लड़की पूरे कॉलेज की
आकर्षण बनी हुई है
वह लड़की
सचमुच बहुत याद आती हैं
आज वह अपनी पढ़ाई के
अंतिम वर्ष में पढ़ रहीं है और
आई एस अधिकारी की
बनने के अपने सपने को
साकार करती हुई है
वह लड़की जो
उस कालेज ही क्यों
पूरे देश में
अपनी अद्भुत , खूब सूरत छवि मुस्कान और सौम्य छवि से
सभी के लिए
एक झलक की इच्छा रखें को
जन्म दे छाई हुई है
वह लड़क
याद आती है
जो आज भी इतना कुछ
कर जाने के बाद भी
अपना गांव की स्कूल को
नहीं भूलती है और
अक्सर कहीं भी
किसी भी विषय पर दस्तक दे
भाषण देती है तो
सबसे पहले गांव की स्कूल को
मुझे और अन्य साथी
शिक्षक को याद
सहित प्रणाम करती है
वह लड़की जिसने
साबित कर दिया
कोई स्कूल किसी को
बढ़ा नहीं बनाती हैं
बल्की स्कूल में
पढ़ रहे छात्र या छात्रा
अपनी अथक मेहनत और
परिश्रम से
स्कूल को गौरव प्रदान करते हैं
वह लड़की
याद आती है
जा आज स्कूल के
राष्ट्रीय एन ए एस केंप के
माध्यम से
अपने गांव में
कालेज के अनेक छात्र छात्राओं के साथ दस दिन के
पूरे वर्ष में दो तीन
केंप लगा कर
गांव को
अद्भुत पर्यावरण से
मालामाल कर देती है
और पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर
अपने गांव को
पर्यावरण की रक्षा और महत्व को
दर्शाती हुई
प्रेरणा स्रोत बने हैं
वह लड़की याद है
जो अब पर्यावरण की पुजारिन
के नाम से भी चर्चित हो चर्चा
बन गई है
वह लड़की
याद आती है जो
अपने जीवन में
युवा उम्र में ही
कितना कुछ कर गुजरने के बाद
आई एस अधिकारी बन कर
किसी आई एस अधिकारी के साथ
विवाह रचा कर
जीती हैं
सदा खुश प्रसन्न हो
वह लड़की
याद आती है
जो शादी बाद भी
राजा राने की तरह नहीं
जाती हुई
खुद और अपने साथी
पति के साथ
लगीं हुई है
आज देश के लिए
आम आदमी के लिए
गरीब और असहाय लोगों के लिए
कितना कुछ करते हुए
छाई है और देश में
अन्याय के खिलाफ़ आवाज उठा
देश को शाही दिशा और मार्ग दर्शन
दे रही हैं
सचमुच बेहद वंदनीय है
वह धरा गांव की
कहा उसने जन्म पाया और
गांव को रौशन कर दिया

डॉ रामशंकर चंचल

झाबुआ मध्य प्रदेश

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