साहित्य

वह लड़की, याद आती है भाग 6

डॉ रामशंकर चंचल

वह लड़की,
याद आती है
शांत, सौम्य, गहन गम्भीर
अद्भुत सुंदर, जैसे सुन्दरता की
पर्याय हो, जैसे किसी देवी शक्ति
का अवतार हो
जैसे किसी,तेजस्विनी का रूप हो
जैसे सोच और चिंतन का
अनुपम खजाना हो
जैसे सहज सरल छवि और सादगी की अद्भुत मिसाल हो
जैसे धरती सी विशालता
ओर नभ सी
ऊंचाई की परिभाषा हो
वह साक्षी हो जैसे
किसी अन्त सुख सुकून और
प्रसन्नता की प्रतीक हो
वह क्या नहीं है
वह लड़की है तो
सैकड़ों शब्दों की
असंख्य उपमा की मालिक हो
वह लड़की ही तो है
जो धरोहर है
ताकत है ,उर्जा है
सब कुछ है
धरा, गगन, जल, हवा, पानी
पेड़ ,पक्षी कितने ही
सूख, सुकून, का अहसास हो
जब सब कुछ
वह लड़की हो पूजा, अर्चना है
आराध्य, संपत्ति और जीवन सार्थक
मंत्र हो
फिर भला क्यों
नहीं उसकी महिमा को
गरिमा की रक्षा करते हुए
उसके जन्म को
जश्न मनाया जाय
चलों आज से ही
हमारी सोच और चिंतन को
बदले ओर इस सत्य को स्वीकार
करते हुए
वह लड़की के पैदा
होने की खुशी को
ईश्वर कृपा माने
जो सैकड़ों सत् कर्म से
सैकड़ों मन्नत से नसीब है
आओ हम सब मिल कर
वह लड़की के जन्म को
उस जैसी तमाम लड़कियों के
जन्म को ईश्वर कृपा
उपहार समझ
अपने जीवन को
धन्य करे और
सृष्टि जनक
वह लड़की को
आशीम प्यार ,दुलार
स्नेह और आशीष दे
ताकि यह सुखद दुनिया का
सुखद, प्रवाह चलता रहे
और वह लड़की
जिंदा रहे
इन सैकड़ों रूप में,साक्षात ईश्वर
अहसास तले हर
मानव जाति में
धर्म समाज में
बहुत आदर और सम्मान से
उस लड़की के लिए
उस लड़की जैसी तमाम
लड़कियों के लिए
चलों हम सब मिल
ईश्वर से प्रार्थना करें
वह लड़की सदा
अमर रहे
वह लड़की है ,
जो याद आती हैं
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश

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