साहित्य

खुद से खुद की बात नववर्ष से मुलाक़ात

डॉ संजीदा खानम शाहीन

जाते हुए साल को सलाम मेरा
जीवन में परिवर्तन है बहुतेरा।
दिसंबर जाते हुए ने कहा है ये
साल कैसा रहा है कुछ भूली
बिसरी यादों का ख़ज़ाना क्या
जिंदगी में पाया,क्या खोया है।
जिंदगी की खट्टी मीठी फ़ुरवाइयां
सी स्मृतियों में कोई अपना मिल गया
कुछ सदा के लिए विदा हो गया।
बहुत अनुभव हुए बहुत सी तारीकियों
का काम भी हुआ अपनो की दुआ
मिली आशीर्वाद मिला,अपनो का
साथ भी मिला खुशियां बेशुमार
मिली दुख भी मिले हजार नए स्वागत
में नववर्ष के उम्मीदें है खुशहाली
बरसे,जिंदगी में ,आगमन हो खुशियों
का कामयाबी मिले कदम कदम पर
मिले उपहार चारो और बहार नए
साल में अमन शांति का हो वास
प्यार स्नेह का हो संचार रूठे हुए
अपनो का भी मिले साथ वैर अदावत
भूले ओर महके जीवन का पल पल
बने खास।

डॉ संजीदा खानम शाहीन जोधपुर राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!