साहित्य
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आता -हूं
आता हूं , तुम्हारे कब्र के पास —-रोज, मिलने को —-तुमसे! जहाँ पर , सोई हुई हो,अपनी रूह के संग,…
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गर्मी आई
गर्मी आई, गर्मी आई, कूलर बाहर निकाला भाई। धूप लगे जैसे अंगार, घर में सबको प्यास अपार। गन्ने का रस…
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माँ की यादे
जब भी मुझे याद आता है माँ का आंचल इस उम्र मे माँ मुझे बहुत तेरी याद सताती हैं। मेरी…
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देखो जमाने वालो में साहब बन गया
देखो ज़माने वालो, मैं साहब बन गया, धोती बेचकर आज मैं नवाब बन गया। कल तक जो साइकिल से धूल…
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दिल
कवि-शायर मजनूं करें, दिल देने की बात । अतिशयोक्ति में बोलना, यह इनकी औकात ।।१।। ✍️ दिल को जीता जा…
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रोटी की कीमत
क्या होती है रोटी की कीमत ? भूखे को मिले तो बेसकीमती रोटी। पेट भरे को मिले तो कचरे में फेकी…
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खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे – लोकोक्ति
खम्भा नोच रही है देखो यह खिसियानी बिल्ली, अम्मा जी मुझको बतलादो जायेगी क्या दिल्ली? अम्मा बोली, काम कोई जब…
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विचारों की ख़ूबसूरती
जिस प्रकार छोटी छोटी आंखे सारा आसमान देखने की ताक़त रखतीं हैं, वैसे ही जीवन में विषमताएँ होने पर भी,…
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यादों की पोटली
ज़िंदगी के पल यूँ ही गुजर जाते हैं, समय की धारा में अक्सर बिखर जाते हैं। जो ठहर कर उन्हें…
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दुनिया के नेता आलसी हो जायें (हास्य-व्यंग्य)
जब दुनिया में युध्द जैसे हालात हो जाये, एक देश दूसरे देश के खून के प्यासे हो जाये तो युध्द…
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