साहित्य
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इश्क़
माना कि मेरे दिल पर तुम्हारा हक़ है मगर इस कदर रूठ जाना ना-हक़ है!! मुश्किलें हर इंसान पर आती…
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रोज़ ठान कर सोता हूं
रोज़ ठान कर सोता हूं सुबह जैसे ही अलार्म बजेगा कूद कर उठूंगा बिस्तर से। जल्दी से होकर तैयार साइकिल…
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स्नेहिल प्रातः वंदन
जाग मुसाफिर नींद से, सोने में क्या लाभ । सूर्य प्रभा चहुँ ओर है,जग में फैली आभ ।। कर मन…
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बसंती बयार
रे बसंती हवा तुँ अल्हड़ हो दिवानी पर्वत को छुकर मुड़ जाती हो मनमानी अदृश्य रूप बना वन…
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मैं तो भारत भाग्य विधाता हूँ, मैं एक कर्तव्यनिष्ठ मतदाता हूँ
मतदाता दिवस,25 जनवरी पर विशेष 1 तू भारत भाग्य विधाता रखता मताधिकार है। तेरे वोट से ही तो चुनी जातीअच्छी…
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इतिहास रचते डॉ रामशंकर चंचल
देश के चर्चित महान साहित्य साधक सहज सरल इंसान और सादगी लिए मानव सोच और चिंतन को जिंदा रखें सक्रिय…
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जय भारत
विभिन्नता के संग अभिन्न भारत अखण्डता का सुप्रतीक भारत धरा का अद्वितीय सुपुत्र भारत संस्कृति का रक्षक सुरम्य भारत प्राकृतिक…
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गणतंत्र हमारी हस्ती है !
गणतंत्र हमारी हस्ती है, इस हस्ती में वो मस्ती हैं, देशप्रेम की धारा जब जनजन में बसती है, धींगामस्ती सस्ती…
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गणतंत्र दिवस तिरंगा
तिरंगें की अपनी अलग है शान सुरक्षित इसका है स्वाभिमान रणबांकुरों की आंख की पुतली भारत का अनुपम सर्वोच्च मान…
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छब्बीस जनवरी का दिन है गौरवशाली
परम पुनीत गणतंत्र हमारा आओ मिलकर जय-गान करें छब्बीस जनवरी फिर है आई मन में नया उल्लास जगाए फ़िर तिरंगा…
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