साहित्य
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मायके का धन खाकर ससुराल का गुणगान
मायके का धन खाकर ससुराल का गुणगान मायके का धन खाकर बहनों को ही ताने देना, उन्हें नीचा दिखाना और…
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जीवन के आधार : पिता
पूज्य पिता जीवन के आधार। मुझे संवारने में आप कभी न माने हार। उन्होंने मुझे संभाल कर सुन्दर रास्ता दिखाया।…
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वो ग़ैर कैसे हो गया?
वो ग़ैर कैसे हो गया? जिसे अपना समझा था मैंने, हर राह में जो साथ चला, जिसके संग सपनों…
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रचना शीर्षक।।
।हमारे वचन कर्म ही हमारा भाग्य लिखते हैं। ।। विधा।।गीत ।। ** हमारे वचन कर्म ही हमारा भाग्य लिखते हैं।…
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बेटियां बोझ नहीं
टी जन्मे घर आंगन खुशियों से भर जाए लक्ष्मी का रूप धरे किस्मत वो चमकाए बोझ नहीं वरदान है कहते…
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सावन है पावन
न है पावन, बादल हैं चहुॅं ओर। गरज-चमक बदरा,जब बरसे हर छोर।। हरी-भरी धरती, कोकिल का मृदु शोर। दादुर हैं…
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राष्ट्रीय पाठन दिवस – 19 जून
का एक पन्ना पूरी दुनिया घुमा लाता है, बिना टिकट, बिना पासपोर्ट दिल को आकाश दिखा जाता है। क्यों…
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परहित कर्म
परहित कर्म करे जो इंसा वह इंसा कहलाता है मर के भी वह अमर है रहता ध्रुव तारा बन जाता…
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लावणी छंद 16 -14 गुरु 3 में शिव से विनती
द्भुत्स्वप्न अप्रतिमाकृति , दर तुम्हारे खड़ी हूँ मैं। अध्यात्मयोगनीलय अमदन, देना दर्श अड़ी हूँ मैं।। अभय अनघ अतिथि अद्रि अचल…
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*करे योग, रहें निरोग*
*करे योग, रहें निरोग* सुबह की पहली किरण जब द्वार खटखटाए, बिस्तर छोड़ो, आलस तोड़ो, योग का वक्त आए।…
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