साहित्य

  • जहाँ दया तहँ धर्म है, जहाँ लोभ तहँ पाप

    सुख दुःख का जिम्मेदार इंसान स्वयं होता है, सुर या असुर भाव मन में स्वतः छिपा होता है, बिचार ही…

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  • ग़ज़ल

    परख कर हाथ को थामें, अमन का पल दिखाई दे। मधुर रिश्ते बने हरदम,न उसमें छल दिखाई दे।। मुहब्बत की…

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  • जोगन बना दे कान्हा

    ले अपनी शरण में कान्हा भक्ति ज्योत जला के मीरा सी जोगन बना दे कान्हा बन सारथी मेरा गीता ज्ञान…

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  • फ़ायकू

    ज़िन्दगी गुज़ार दी हमने यूँही इन्तज़ार में तुम्हारे लिए। बुने थे कितने सपने रंग बिरंगे हमने तुम्हारे लिए। याद करोगे…

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  • ग़ज़ल

    हक़ीम-ए-हुस्न का अपने को तलबगार भी रख। मिलन की चाह में दिल को जरा बीमार भी रख। अगरचे   तुमको   भी …

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  • कुछ कदम साथ चलें

    क्यूॅं हिचकते चलने में , कुछ कदम साथ चलें । तेरा मेरा साथ चले तो , अरि भी देख हाथ…

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  • बगिया

    पूजा को देखने आज लड़के वाले आए थे। लड़की पसंद आने पर लड़का लड़की को अकेले में मिलने का मौका…

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  • सुकर्म का है सम्मान

    सुकर्म की पूजा सुकर्म का है यहाँ मान जगत में मिलता है सुकर्म को  सम्मान सुकर्म से है जीवन में…

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  • व्यंग

    “”मोटा है वो राजा बन गया, पतले सब भिखमंगे। नहीं बचा अब मंदिर, मस्जिद, ना ही हर हर गंगे।। डॉ…

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  • कुछ कदम साथ चलें

    आओ, कुछ कदम साथ चलें, कुछ अपनी कहो, कुछ मेरी सुनो आओ, कुछ कदम साथ चलें। ज़िन्दगी का मिला है…

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