साहित्य
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ग़ज़ल _मचलती है दहकती है…..
मचलती है दहकती है,लगे अंगार लिखती है। कलम,मत पूछना यारो,हसीं अशआर लिखती है। सरे बाज़ार लुट जाये बहिन बेटी यूँ…
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पूर्णिका
लक्ष्य पाने के लिए मन का प्रयास चाहिए। साथ जो भी उसका विश्वास चाहिए।। ऊँच- नीच जिन्दगी की है हर…
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चंदा
कभी इष्ट बन त्यौहार में पूजता है तूं कभी बच्चों का चंदा मामा बनता है तू प्रेमी युगलों का ..…
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खुशियों की पतंग और संस्कारों की डोर
बाज़ारों में रौनक छाई, आया पर्व सुहावन है, मकर संक्रांति का यह दिन, होता अति पावन है। बेटे के मन…
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चुप्पी
जब सच की राह बुलाती है तब चुप्पी बोझ बन जाती है, जब अन्याय सिर चढ़ बोलता है तब हर…
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डॉ रामशंकर चंचल, झाबुआ,देश और विश्व चर्चित अद्भुत साहित्य साधक
धन्य धरा झाबुआ आदिवासी पिछड़े अंचल जो सैकड़ों कृतियों को देश दुनिया को साहित्य जगत में भेंट कर झाबुआ जैसे…
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सोरठा पतंग
उड़ती आज पतंग, नभ में चहुँ दिशि ओर है। सबदोस्तों के संग, मना रहे त्योहार है।। नभ में उड़े पतंग,…
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जय अम्बा
धारण सिंदूरी वर्ण वसन शोभायमान शार्दुल वाहन उर अलंकृत अनुपम हार सुसज्जित सम्पूर्ण सिंगार मांग सिंदूर पूर्ण विराजित रत्न जड़ा…
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मन में उमड़ने लगा उत्तरायण
सूर्य भगवान हुए उत्तरायण पूस ने बाजी हारी, ढलने लगी कोहरे की चादर कलियों ने कर ली तैयारी, नींद से…
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रामचरितमानस सर्वश्रेष्ठ श्रुति है
रामचरितमानस मात्र ग्रंथ नहीं है, चारों वेद, अठारह पुराणों और सभी छ: शास्त्रों का सार तत्व है, मानव जीवन का…
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