साहित्य
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नफरत का मंजर
नफरत का बेखौफ मंजर देख रहे हैं संसार के अंदर, कहां गए सारे धर्म ग्रंथ? यह कैसा है अंतर्द्वंद। हिंसा…
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फायकू ऋतुराज वसंत
सुनो सखी सुनो बंधु ऋतुराज वसंत आया तुम्हारे लिए पीली ओढ़नी संग लाया ओढ़ धरा मुस्काती तुम्हारे लिए प्रात: की…
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लिखूँ जो खत तुझे
लिखूँ जो खत तुझे,मैं तेरे नाम से। जाएगा वो कहाँ? जो पता ही है नहीं।। कहता हूँ मैं,मेरा दिल तेरे…
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कर्मवीर
तोड़ दो सारे नापाक वो जंजीरे जो तेरे इरादे पे लगाये ताला छोड़ दो सारे नाकाम वो सहारे जो…
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जिंदगी का सफर
खुद की तलाश खुद के लिए ही कर रहा हूं। जीवन सफर पर खुद को लेकर चल रहा हूं। कौन…
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बिदाई
कौन कहता है बेटियों की बिदाई मायके से बस एक बार होती है, माँ-बाप जब तक, रहते है हर विदा…
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पैसा
पैसा छलता जीव को,भर देता अभिमान। बैर कराता है कहीं, कहीं दिलाता मान।। देख पैसे की माया। पलटता पल में…
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पतंग उड़ी रे
उड़ी उड़ी रे पतंग उड़ी उड़ी रे, लेके रंगों की बयार उड़ी उड़ी रे। लाल,हरी,नीली,पीली और बसंती, रंग-बिरंगी लम्बी-छोटी पूँछों…
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कुरुक्षेत्र में गीतायन का भव्य लोकार्पण, ऋतु गर्ग की रचना “गीता का दिव्य ज्ञान” को मिला विशेष स्थान
अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति न्यास साहित्योदय के तत्वावधान में अखण्ड गीता पीठ आश्रम, कुरुक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय गीतायन साहित्य…
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यथार्थ से परिचित कराती कहानियॉं – वरेण्य (कहानी संग्रह)
पुस्तक समीक्षा –वरेण्य (कहानी संग्रह) लेखक-श्री नन्द लाल मणि त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ समीक्षक:डॉ. वासुदेवन ‘शेष’ प्रकाशक –कश्यप पब्लिकेशन, बी-15, जी 1,…
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