साहित्य
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नफ़रत का बीज बोकर
नफ़रत का बीज बोकर कोई बच रहा कैसे, किस तरह हिम्मत कर रहा और सज रहा कैसे। घर में मातम…
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मकर संक्रांति
सूर्यदेव की जय जयकार मकर मकर- संक्रांति का त्यौहार। घर- घर मे पकवान बने, तिल- गुड़ कद लड्डू खाए, रिश्तों…
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इस तरह रूठ कर ना जाया करो
इस तरह रूठ कर ना जाया करो, इतनी जल्दी हो तो ना आया करो। चार दिन की जिंदगी मस्ती से…
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एटा के सक्सेना दम्पत्ति को मिला भारत-श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान
एटा,15 जनवरी। विश्व हिंदी दिवस पर भारतीय उच्चायोग कोलम्बो तथा पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग द्वारा स्वामी विवेकानंद संस्कृति केंद्र कोलम्बो…
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रास्ता
रास्ते भर यही सोचता रहा मंज़िल मिलेगी क्या!! खिड़की दरवाज़े सभी बंद है फिर भला रोशनी की चलेगी क्या!! इतना…
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मकर संक्रांति
सूर्य उत्तरायण हुए,मकर राशि पर राज। खिली-खिली अब धूप है, हर्षित सकल समाज। घी खिचड़ी तिल गुड़ महक, फैल रही…
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ग़ज़ल खै़रो ख़बर नहीं
भूल जा मुहब्बत की दास्तानों को। फ़िक्र अब न रही ज़मीं की आसमानों को। मरीजे़ इश्क़ का इलाज मुमकिन ही…
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तेलुगु भाषी राज्यों का माटी का महाराग:संक्रांति
जब स्वर्ण-शिखा बन धान खड़ा,खेतों में झुक है जाता, जब कोहरे की चादर ओढ़े, सूरज धीरे है मुस्काता। तब दक्षिण…
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मेरा इश्क़
मुझसे भी आगे बढ़ गया है फ़साना मेरे इश्क़ का, नज़र भर का ही रहा वो दीवाना मेरे इश्क़ का।…
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व्यंग
“”प्रजातंत्र का क्या मतलब है, मुझे बता दो भाई। मैं पड़ा दुविधा में हूं, असली डॉक्टर है, या है दवाई?…
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