साहित्य
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खिचड़ी की कहानी, हम सबकी जुबानी
खिचड़ी की कहानी, हम सबकी जुबानी, थाली में उतरी तो बन गई रानी। न दाल अकेली, न चावल सयाना, दोनों…
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चरित्र में विभिन्नता न हो
आज का मानव विभिन्नता के, आवरण ले घूम रहा। कभी देव, कभी सज्जन, कभी भलाई का मुखौटा ओढ़ा हुआ।।…
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कुंडलियां
टुनटुन सी बीवी मिली बच्चे गोल मटोल। जब मिल यह पलटन चले धरती जाए डोल। धरती जाए डोल लगे भूचाल…
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व्यंग
“”राजनीती का खेल देखिए, ठगों की रेलमरेल देखिए, जानता बेचारी समझ ना पायी, सर पे रख कर तेल देखिए। नेता,अभिनेता…
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माघ मास पावन आया
मुखड़ा अब माघ मास पावन आया, घर-घर दीप धर्म का छाया। पूस गयो रे, धूप सुहानी, मकर चढ़्यो, बदली…
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हिंदी हमारी पहचान
हिंदी मेरा ईमान है हिंदी मेरी पहचान है हिंदी हूँ मेरा वतन भी मेरा है वतन भी मेरा प्यारा…
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तुम कहाँ खो गये
सिसकता है दिल, हर रोज़ तेरी यादें सताती हैं, गिले शिकवे इतने की खामोशियां भी गुनगुनाती हैं। लबों पर…
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सर्दी आई
सर्दी आई, सर्दी आई, हर कोई चाहे गरमाई। खाने को गरम गरम, पीने को भी हो गरम, खस्ता मूँगफली…
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हे! जनक आपको मेरा प्रणाम
परमपिता परमेश्वर का,उपहार जनक हैं घर के माली। ईश कृपा से बने मात-पितु,छाई घर में ये खुशहाली।। गर्भित भ्रूण नववधू…
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स्नेहिल प्रातः वंदन
जाग मुसाफिर नींद से, सोने में क्या लाभ । सूर्य प्रभा चहुँ ओर है,जग में फैली आभ ।। कर मन…
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