साहित्य
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यह इश्क की खुमारी
यह इश्क की खुमारी, बताये किसे, रात किस तरह गुजारी, बताये किसे, गया मासूका से मिलने, साले ऐसे कूटे, जैसे…
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व्यंग
“”खरमास में नया साल है, पचका में होगी होली। ईद, मोहर्रम,देवदिवाली, सब पर है, सरकारी बोली — बन्द हुई संग…
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गुलमोहर
अति मनोरम हरित कोमल, कलित पल्लव के हिलोरे नन्हे नन्हें पावस कण से,बिखरे पत्रक जब पवन निहारे जी चाहे मुट्ठी…
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नव वर्ष मंगलमय हो
मंगलमय नव वर्ष आपको, दे दे खुशियां सारी । आधिव्याधि सब दूर होय नित रक्षा करें मुरारी ।। बीता गया…
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निर्विकारता
लोभ लालच माया को त्यागना ही निर्विकारता। शुद्ध हृदय जब होता तो आती निर्विकारता। सुख-दुख में समभाव रहती निर्विकारता। जब…
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ठंड हुई प्रचंड
अब ठंड हुई प्रचंड थर-थर-कांपे लोग नाक से पानी बहे जैसे लगा जुकाम का रोग लगा जुकाम का रोग…
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मुसीबत में उसे
मुसीबत में उसे तो ग़म नहीं हैं हक़ीक़त में मुहब्बत कम नहीं है।। वो धोखे बाज हैं हमदम नहीं है…
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राह के फूल
जीवन में संघर्षों से ही, सुयश औ’ नाम मिला करते हैं, करके ही संघर्ष राह के, फूल सदा खिला करते…
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नव-वर्ष : एक आत्मिक आवाहन
ओ समय-सरोवर के नव-कलश! सपनों की उजली जलधार! मेरे बीते पलों की थकन धो ले अपनी मृदुल फुहार। ओ क्षण-क्षण…
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समय है संभल जाओ
अश्लीलता की चादर ओढ़ी, आज के युवा समाज ने। अभद्रता की सीढ़ी लाँघी, घुटने टेक दिए पाश्चात्य के आगे। कहाँ…
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