साहित्य
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चाय के चर्चे में सियासत हैरान है
दर्शकों में कोलाहल है, मंच के पीछे आग लगी है, शायद सीन का भाग हो, चीखों की आवाज़ हाल में…
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कविता किसी की रचना है
कविता किसी की रचना है न कि कोरी कल्पना है यह मनोवेगों से निकलती है मन की भावनाओं को रचती…
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बादल बनकर
बादल बनकर समुद्र की अथाह गहराइयों से मुझे उठा ले जाना, और उस ऊँचाई तक पहुँचा देना जहाँ से जब…
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अयोध्या की पावन माटी से
अयोध्या की पावन माटी से, सूर्यवंश का नूर निकला, मान्धाता की पावन पीढ़ी से, साहस का कोहिनूर निकला। रघुवंश की…
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नव वर्ष का आगमन
नवल प्रभात देकर विश्व को जगत का हरो अंधियारा दो तुम नई आशा हर मन को बोलें सभी प्रेम की…
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चमचे
खेल खिलाते चमचे चमचों का बोलबाला है वो अपना काम छोड़कर चमचागिरी में लग जाते है ये हर जगह नजर…
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सरबंसदानी की अमर गाथा
सरबंस दानी, तेरी अमर कहानी, तेरे जैसा कोई न होगा, ऐसा बलिदानी। न्याय और धर्म की राह दिखाई, खालसा पंथ…
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आज़ाद नहीं है
आजाद हूँ मगर रूह आज़ाद नहीं है, चलता तो हूँ पर मेरी उड़ान आज़ाद नहीं है। बचपन में सीखी थी…
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लौट आओ
लौट आओ,लौट आओ,लौट आओ,लौट आओ आशियां आकर बसाओ,तन्हा न अब छोड़ जाओ लौट आओ,लौट आओ,लौट आओ,लौट आओ कब से है…
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