साहित्य
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मैं कमजोर नहीं हूँ
सहानुभूति बटोरना आदत नहीं मेरी, मैं हालातों से लड़ने की हिम्मत रखती हूँ। हर मोड़ पर खुद को साबित किया…
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यह काम कर लो जी
दिल में दरारें न पड़ें यह काम कर लो जी। रहो मौजी सदा तुम इक बात को समझो, यह नजर…
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ग़ज़ल
डूबी सम्मतियां हैं अधखिले सपनों की। सहमी आकृतियां हैं धूप खिले सपनों की। कोई परछाई संग नाच – नाच देख…
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ग़ज़ल (शृंगार-विरह रस)
नैनों में सपन बसाता ही जो मन का देव कहलाता ही। दूर हुआ तो साँसें रूठीं पास रहा तो प्राण…
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वह लड़की याद आती है भाग 5
वह लड़की, याद आती है जो मां है बहन है सृष्टि की जननी है लड़की जो सदियों से कभी दुर्गा…
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परोपकार का दीप
परोपकार वह दीप है, जो अंधियारे हर ले जाए, स्वार्थ की ठंडी रातों में, मानवता को जगमगाए। दुखियों के आँसू…
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कर्म का आकाश
जब वह छोटी होकर भी उड़ लेती है नील गगन में। चीं-चीं करती उड़ती रहती, पंखों को फैलाती है। कुछ…
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चौधरी साहब और खामोश कुत्ते.. बाल-कहानी
एक छोटे से गांव में चौधरी साहब रहते थे। वे बहुत अमीर थे, लेकिन कुत्तों से सख्त नाराज़। “ये कुत्ते…
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बलिदान दिवस (आज़ादी की कीमत)
वो पलटने का दम, रखते थे समुद्री लहरों को, उनके आगे थी भला! हिम्मत ठहरने की किसको? आज़ादी की कीमत,…
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एक तरफ़ दर्द था, दूसरी तरफ़ फ़र्ज़ था
एक तरफ़ दर्द था, दूसरी तरफ़ फ़र्ज़ था, ज़िंदगी के तराज़ू पर बोझ ही बस दर्ज़ था। कैसे करता कोई…
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