साहित्य
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बीते पलों की ख़ामोशी
कल यादों का पिटारा खुला, कुछ पुरानी तस्वीरें हाथों में आईं। बोलती, चहकती, स्नेह से महकती तस्वीरें— हंसती, छेड़ती, शरारत…
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सुंदरता तन की या मन की
मानव तो होते सभी हैं सुंदर , या सुंदरता भली है धन की । सुंदरता देख कौन भली है ,…
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चलो ढूँढ़े पत्ता हरा
(1) जीत लेंगे हरेक बाज़ी ***************** जब ज़रूरत पड़ी, हमें अपने सहारों की, झेल न पाए मार हम, निष्ठुर प्रहारों…
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धर्मवीर भारती: एक महान पत्रकार की कहानी
धर्मवीर भारती जी के साथ लम्बे समय तक ‘धर्मयुग’ में सह संपादक की भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार…
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जान लो जो मिली जिंदगी तुमको वो लाजवाब है
** जान लो जो मिली जिंदगी तुमको वो लाजवाब है। जो भी मिली जिंदगी तुमको वो लाखों का ख्वाब है।।…
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ब्राह्मण जाति नहीं सनातन धर्म एवं संस्कृति का मूल तथा संसार की आवश्यकता और जिम्मेदारी है।
ब्राह्मण जाति नहीं सनातन धर्म एवं संस्कृति का मूल तथा संसार की आवश्यकता और जिम्मेदारी है।” “जब ब्राह्मण अपनी भूमिका,अपना…
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आदरणीया कमलेश कुमारी जी के सम्मान में एक मुक्तक
धुंध में डटी हुई वो एक ज्योति-सी चमक उठी, देश के मान-सम्मान की जो पहली दीवार बनी खड़ी। ग्यारह गोलियाँ…
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दिसंबर की विदा बेला
मुखड़ा— दिसंबर की ये विदा–बेला, ठंडी हवा का झोंका है। साल पुराना धीरे–धीरे कहता—अब रस्ता रोका है। दिसंबर की ये…
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तेरे न आने से
तेरे न आने से ही तो रूठा हुआ था मैं जाने वो आयेगा इसलिए बैठा हुआ था मैं।। कैसे यक़ीन…
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पिता का अंतिम समय पुत्र से वार्तालाप संवाद
तेरी बहन की शादी मेरे जीते जी हो जाए, यह हम सबके लिए बहुत अच्छा होगा। पिता का अंतिम समय…
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