साहित्य
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मैं स्वागत के लिए आतुर हो.
मैं स्वागत के लिए आतुर हो, तुम्हारे लिए स्वागत द्वार बना रहा हूं मन में, सोतों को, झरनों को, लबालब…
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अधूरी चाहत
तेरी राहों में जलाकर उम्र के सारे दीए, हम अँधेरों से लड़ते हुए मुस्कुराते ही रहे। तू न आया कभी…
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नीला ड्रम
अब तो रिश्ते ढोए जा रहे हैं, कोरे भ्रम में, इसलिए लाशें मिल रहीं है , नीले ड्रम में। रूहानी…
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संगीता वर्मा
एक शाम अकेले बैठे थे,खुद से कह रही थी मै हां मेरे पांवों को है मुझसे शिकायते कुछ -कुछ इसलिए…
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दहेज का दानव
दहेज का दानव,,,, दहेज का दानव कितनी ही जिंदगी को निगल जाता है, कच्ची कलियों को फूल बनने से…
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प्रभाती वंदन
साहस संयम बुद्धि से, करते कष्ट निदान। इस जग में उनकी बनी, सदा अमिट पहचान। सोने की लंका किए,पलक झपकते…
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तजुर्बा
तजुर्बा दिल में काश एक आईना होता कभी तुम्हारी सूरत होती उसमें, तो कभी मैं होता!! अफ़सोस बहुत था तुझसे…
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मैं बीती बातें कब कहता हूँ
मैं बीती बातें कब कहता हूँ, मैं बीती रातें कब कहता हूँ। मैं गाता नहीं शोक और क्रंदन की गाथा,…
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धर्म नियम सर्व सृष्टि
यहां क्या नहीं धंधा हर कोई बना अंधा। सब धंधा कर रहे हैं भ्रष्टाचरण दे कंधा।। बड़ा धंधा काव्य…
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रूह से रूह की बात
लहराती ज़ुल्फ़ों में, तुम बहुत प्यारी लगती हो। तुम्हे देख के दिल झूम रहा है, इतनी सुन्दर रूह हो तुम।…
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