साहित्य
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जीवन का सार
प्रेम और समर्पण से, भगवान की भक्ति ही जीवन का सार है। इस पावन मार्ग पर चलना, सबसे बड़ा संस्कार…
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विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस
कागज़ की महक में बसा है जहान, सियाही से लिखी हर एक दास्तान। पुस्तकें नहीं, ये खिड़कियाँ हैं, जिनसे दिखता…
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लघु कथा आओ,रूह से मिलता हूं
राग द्वेश जाति धर्म राजनीति ऊंच नीच अमीर गरीब आदि सैकड़ों सड़ी मानसिकता में जी रही दुनिया में जब कोई…
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होंसले को सदैव रखना
होंसले को सदैव रखना।। होंसले को सदैव रखना।। खोना नहीं निराशाओं में कहीं, अपने मन में एक जुनून रखना। तुम…
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भूख
जब हम उलझे थे शरीर को स्वस्थ बनाने में। समझ नहीं पा रहे थे क्या घटाएं, क्या बढ़ाएं अपने खाने…
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भारत
सब जन भारत महिमा गाएं, नव आभा से जागृत रहिए। कुसमित पल्लव शोभित प्यारा, मन्द पवन का झौंका बनिए।। जीने…
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पहलगाम की त्रासदी
बिंदिया छूटी,चूड़ियाँ टूटी,सूनी हुई कलाई घाटी पहलगाम में….. दर्द में बदल गयी शहनाई,कैसी आफत आई मेरे पहलगाम में…. खुश हो…
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चीलर सफेदपोश बना रहता है (हास्य-व्यंग्य)
चीलर कपड़ों के अंदर पाये जाते हैं। खासकर जो सबसे अंदर पहने जाते हैं। रक्तचूसक परजीवी होता है। सफेद दिखाई…
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