साहित्य

  • पर्यावरण

    हवा में जहर बिखरा है जरा सांसे बचा कर रख जल में विष घुला है तू प्यासें बचा कर रख…

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  • पर्यावरण और हम

    आज पृथ्वी दिवस है कहीं जल रहे जंगल कहीं जल रहे उपवन कहीं धधक रहे कारखाने कहीं उबल रहे नदी…

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  • (no title)

    विश्व पुस्तक दिवस : 23 अप्रैल किताबें चुप रहती हैं, पर बहुत कुछ कह जाती हैं, बिना आवाज़ के ही…

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  • विश्व पृथ्वी दिवस

    धरती माँ का कोमल आँचल, जीवन का आधार, जल, वन, वायु से सजा है, इसका हर आकार। हरियाली की गोद…

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  • पृथ्वी दिवस

    हे धरती माँ ! तुम्हारा कर्ज उतारें कैसे? हे आदि माँ!तुम्हीं ने माँ का सृजन दान दिया है, अज़ब प्यारा…

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  • अद्भुत पाठशाला

    जीवन अनवरत प्रयोगों की एक अद्भुत पाठशाला है नित नूतन प्रयासों का शिक्षण- व्यवहारिकता का नवीन नव अनुभवों का सिलसिलेवार…

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  • हो गया लहुलूहान ये दामन

    दर्द और कसक की वाहिनी है। सब की, जीवनदायिनी है।। त्रिलोकी ने भी,ली थी पनाह, यहाँ आकर,तेरे दामन में। हसीं,बहुत…

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  • जागो युवा बदलो दिशा

    हम देश के युवा हैं हमको देश बदलना है जीवन के हर संघर्ष को खुशियों में ढलना है। अंधेरों से…

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  • सनातन संग सत्संग है

    सनातन संग सत्संग है , सनातन पावन गंग है , सनातन तो है सना तन , सनातन जीवन जंग है…

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  • एक ग़ज़ल

    हो मुलाक़ात इक बहाने से, उनकी नजरे मिले मिलाने से। लाख कोशिश करें ,छिपाने की, मर्ज़ छिपता नहीं छिपाने से।…

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