साहित्य
-
अमूल्य धरोहर : मां
मां मेरी अलौकिक निधि, जग जननी है मेरी। भाग्य फैसला करने वाली, अमूल्य धरोहर है मेरी। संस्कृति को बढ़ाने वाली,…
Read More » -
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। प्यार का अनुपम संदेश अपनाओ। बेटी का भ्रूण हत्या है पाप, यह है जघन्य अपराध। यह…
Read More » -
यह दुनिया अब आभासी है!
आजकल मेरे सभी दोस्त, नाते-रिश्तेदार व पड़ोसी रहते हैं, मेरे मोबाइल में; हाँलांकि उनके पास एक अदद मकान भी है…
Read More » -
एक पेड़ ऐसा उगा
एक पेड़ ऐसा उगा, करे वैद्य का काम। उसके पाँचों अंग ही, आवें सबके काम।। उसकी शीतल छाँव में, सोते…
Read More » -
नारी (गीत)
है अबूझ एक पहेली सी, सौम्य रमणीय नारी। छली गई जिस भी युग प्यारी, पड़ी सदा ही भारी।। है भविष्य…
Read More » -
बेबस दिल
आख़िर क्यों हमारे साथ ऐसा होता है दिल टूटता और बड़ा बेबस होता है!! रिश्ते-नाते दोस्त सभी परखे जा चुके…
Read More » -
गधे को बाप बनाना – लोकोक्ति
पोते ने दादा से पूछा , मुझे बताओ आप, कैसे लोग बना लेते हैं गधे को अपना बाप? दादा बोले…
Read More » -
नारीवाद/महिला दिवस
औरों की तो पता नहीं पर मुझे समझ में आता नहीं। महिला दिवस या नारीवाद की जरूरत क्या है और…
Read More » -
होली तो हो ली
होली तो हो ली मगर, उतरा नहीं खुमार । मुखमंडल बदरंग था, पर नैनों में प्यार ।।१।। ✍️ होली तो…
Read More » -
अगर खामोशी लिखती
अगर खामोशी लिखती, तो लिखती उस पुरुष के बारे में, जिसे बचपन से ही ‘त्याग’ का पाठ पढ़ाया गया। “दे…
Read More »