साहित्य
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मोबाइल की रोशनी में खो गय दिन
मोबाइल की रोशनी में खो गए ये दिन हमारे, हंसते चेहरे चुप हुए, बन गए सब बेचारे कविता: सोशल दुनिया…
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तारे
काली -काली अँधियारी रातों में आकाश भरा है तारों से, कुछ तारे हैं छोटे -छोटे कुछ तारे हैं बड़े -बड़े…
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नारी बिना सृष्टि नहीं
स्त्री प्रकृति है प्रकृति कभी किसी की ग़ुलाम नहीं होती है नारी बंदनवार है नारी संध्या दीप नारी बिना सृष्टि…
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शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का बलिदान, नहीं भूलेगा कभी हिंदुस्तान
27 फरवरी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पुण्यतिथि विशेष शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का बलिदान, नहीं भूलेगा कभी हिंदुस्तान। स्वाधीनता की ज्वाला…
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टेढ़ जानि शंका सब काहू
जरूरी नहीं है कि गलती करने की ही क़ीमत चुकानी पड़ती है, कभी कभी ज़्यादा अच्छा होने की क़ीमत इंसान…
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Activity
मेरी आकृति क्या है बताओ गिन गिन कर इसकी भुजा बताओ भुजा बताओ, कोण,शीर्ष बताओ त्रिभुज मेरी आकृति क्या हैं…
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ग़ज़ल
किससे किसको डर लगता है। खुद को खुद से डर लगता है । शैतानों से क्या कहने अब, इंसानों से…
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यह बस छोटी सी जिंदगी लेकिन काम बहुत है
1 यह छोटी सी जिंदगी लेकिन काम बहुत है। मेहनत करने वाले को यहां ईनाम बहुत है।। मत पड़े रहो…
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लघु कथा आदमी और कुत्ता
मेरे घी के नीचे वाले में मेरे ए टी म मशीन थी हटा दी दुकान खाली थीं कुछ दिन बाद…
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गुनगुनी धूप
अलसाई गुनगुनी धूप में बैठते ही भूली बिसरी यादों की तस्वीरें दिल पर बार बार दस्तक दे मन को टटोलने…
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