साहित्य
अटल

” अटल ”
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वह अटल अटल व्यक्तित्व रूप,
मानस में सहज कवित्व रूप,
धारण कर संवेदी काया,
वह दिव्य – पुरुष भू पर आया ।।
वह शिखर-पुरुष दैदीप्यमान,
जग मंडल में सूरज समान,
वह सरल मृदुल वह धैर्यवान,
रच डाला जिसने कीर्तिमान,
विपरीत विचारों पर छाया,
वह दिव्य-पुरुष भू पर आया ।।
वह पांचजन्य का कर्मकार,
नि:सार नीति पर कर प्रहार,
वाणी में भर कर तेज धार,
हिंदुत्व बोध को दे उभार,
संसद में बहुमत दिखलाया,
वह दिव्य – पुरुष भू पर आया ।।
शुचिपरक सुशासन साध साथ,
संस्थापित कर नव राष्ट्रवाद,
बन कर जन नायक निर्विवाद,
परमाणु परीक्षण, कर निनाद,
संपूर्ण विश्व को बतलाया,
वह दिव्य – पुरुष भू पर आया ।।
डाॅ.विजय प्रताप शाही,गोरखपुर, उत्तर प्रदेश




