
सदा लगाना आंगन में तुलसी,
हरी भरी रहे जल देना भरपूर।
सबसे पावन है तुलसी हमारी,
रोग दोष से भी रहना तुम दूर।
जिस घर में तुलसी रहती है,
वह घर मंदिर सा हो जाए।
विष्णु भगवान वहा रहते है,
मां लक्ष्मी भी साथ ही आए।
संग रहती हो मां तुम हरि के,
मुझे भी सजना संग ही रखना।
दोनों कर जोड़ करूं मैं विनती,
मैया अमर सुहाग मेरा रखना।
मिला आशीष मुझे तुलसी का,
सौभाग्यशाली रहो हर जनम।
घर परिवार खुशहाल हो तुम्हारा,
महकता रहे खुशियों से चमन।
बंदना मिश्रा
देवरिया उत्तर प्रदेश




