
बसंत पंचमी पावन पर्व
शुभ घड़ी आई
तुम्हारे लिए
सरस्वती वंदन नित गाएँ
स्वर लय सधे
तुम्हारे लिए
बसंत संग विद्या आई
आनंद भाव जगे
तुम्हारे लिए
वीणा धरे माँ सरस्वती
ज्ञान ज्योति जगाए
तुम्हारे लिए
श्वेत वसन शोभित माता
बुद्धि विवेक दें
तुम्हारे लिए
पुस्तक कमल कर धारी
विद्या वर्षा हो
तुम्हारे लिए
माँ वीणापाणि कृपा करो
अज्ञान दूर हो
तुम्हारे लिए
पीत पुष्प चरण अर्पित
श्रद्धा भाव जगे
तुम्हारे लिए
ज्ञान साधना पथ दिखाओ
जीवन सफल हो
तुम्हारे लिए
हंस वाहिनी माँ आएँ
शुभ संकेत दें
तुम्हारे लिए
कलम वाणी बल दे
लेखन सुधरे नित
तुम्हारे लिए
बुद्धि प्रखर हो जाए
तम दूर भागे
तुम्हारे लिए
श्वेत कमल आसन शोभे
शांति रस बहे
तुम्हारे लिए
विद्या धन अक्षय मिले
साधना सफल हो
तुम्हारे लिए
माँ करुणा दृष्टि डालो
मन निर्मल हो
तुम्हारे लिए
शब्द सुर ताल सधे
कंठ मधुर बने
तुम्हारे लिए
मातु शरण नित आएँ
कृपा प्रवाह बहे
तुम्हारे लिए
अक्षर अक्षर दीप जले
तमस दूर हो
तुम्हारे लिए
सरस्वती माँ आशीष दें
यश कीर्ति मिले
तुम्हारे लिए
वीणा निनाद जग गूँजे
विद्या रस बरसे
तुम्हारे लिए
डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय
समूह सम्पादक
दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह




