
दि ग्राम टुडे एक बार फिर शिखर पर। ऐसा कहते हुए मैं अति गौरवान्वित हूँ। होली विषय पर आधारित नव्य विधा फ़ायकू विशेषांक की अद्भुत प्रस्तुति सराहनीय तथा अतुलनीय है।
आदरणीय डॉ शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी आज आपने पुनः एक बार फिर कलमकारों को अवसर देकर यह प्रमाणित किया कि साहित्य के प्रति आप कितने सक्रिय व्यक्ति हैं। इतनी संख्या में लोगों का फ़ायकू लिखना प्रशंसनीय ही नहीं अपितु उल्लेखनीय भी है।
आदरणीय डाॅ अनिल शर्मा ‘अनिल’ जी के सहयोग को भी सादर नमन वन्दन अभिनन्दन करते हैं।
आदरणीय…. मैं एक भोजपुरी भाषी हूँ ।शायद मेरी एकमात्र भोजपुरी फ़ायकू आपकी पत्रिका में प्रकाशित हुई है। यह निश्चय ही मेरे देश केलिए गर्व की बात है। आदरणीय इस अवसर से लाभ उठाकर मैं आपको करजोड़ नमन करना चाहूँगा, कृपया सहर्ष स्वीकार कीजिए।
आपकी पत्रिका तथा आपका साहित्यिक भविष्य उज्जवल हो ऐसी कामना करते हैं। हमको अपने साथ साहित्य के पथ पर अग्रसर होने का शुभ अवसर देकर आपने हमारा हौसला बढ़ाया है।आदरणीय हम आपके आभारी रहेंगे।
सादर ।
(गोवर्धनसिंह फ़ौदार ‘सच्चिदानन्द’)
पता :मोरिश्यस।




