
कह के ख़ुशबू को, तेरी
याद, बुलाई हमने,तंज
सुनके भी, ना फ़रियाद,
मुझे अच्छे से याद है।
तूने चाहा था, मेरा साथ,
उम्र भर के लिये,तू ना
आया मगर, तेरी चाह,
की हमने मुझे अच्छे से
याद है।
मेरी आँखों में, थे आँसू
और, परछाई तेरी,दिल
को हर रोज़, सूरत वो,
दिखाई हमने मुझे अच्छे
से याद है।
तुझसे वादा था, मर
के भी ना, भूलेंगे तुझे,
लम्हा लम्हा, ये क़सम
ख़ूब, निभाई हमने
मुझे अच्छे से याद है।
तुझको पूजा, तुझे चाहा
है, हर घड़ी हमने, बिन
तेरे साँसों पे, बंदिश है,
लगाई हमने मुझे अच्छे
से याद है।
तेरा क्या है तूने तो भूल
ही जाना था उस वफ़ा
को जो तुझ बेवफा से
निभाई हमने मुझे अच्छे
से याद है।
तुमने छोड़ दिया तन्हा
फिर भी तेरी याद को
हर घड़ी सीने से लगाया
हमने मुझे अच्छे से याद है…!!
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




