भारत गौरव मानद सम्मान से अलंकृत हुये डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी प्रख्यात कवि, लेखक, साहित्यकार, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’ को काशी हिन्दी विद्यापीठ द्वारा डॉक्टरेट मानद समतुल्य विशेष मानद सम्मान ‘भारत गौरव’ के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया है।

ज्ञातव्य हो कि डॉ कर्नल मिश्र को यह सम्मान उनके द्वारा मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार प्रसार और विकास के लिये किये गये प्रेरणादायक कार्यों और महत्वपूर्ण योगदान के लिए और निरंतर साहित्य सृजन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय योगदान के लिये वाराणसी में 12,13, 14 मार्च को काशी हिन्दी विद्यापीठ और लेखक एवं कलाकार परिषद द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय भारत एवं नेपाल साहित्यिक सांस्कृतिक महाकुम्भ एवं सम्मान समारोह के अवसर पर प्रदान किया गया है।
अस्वस्थता के कारण डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र समारोह में स्वयं उपस्थित नहीं हो पाये इसलिये काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव कवि इन्द्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ जी ने यह सम्मान उनके सैनिकनगर, लखनऊ स्थित निवास पर जाकर उक्त सम्मान भेंट किया।
इसके पहले डॉक्टर कर्नल मिश्र को डॉक्टरेट की तीन मानद उपाधियाँ, काशी हिन्दी विद्यापीठ से विद्या वाचस्पति, विद्यासागर, साहित्य रत्न, साहित्य शिरोमणि की मानद उपाधियों सहित साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अब तक छ: सौ पचहत्तर से अधिक राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय सम्मान पत्र, प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं।
ज्ञात हो कि डॉक्टर कर्नल मिश्र की आदित्यायन श्रृंखला के दस काव्य संग्रह, दो लेख संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और सत्तर से अधिक साझा काव्य संग्रह में भी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं साथ ही इनकी कविताएँ, लेख विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं। डॉक्टर कर्नल मिश्र के पाँच अन्य काव्य संग्रह और लेख संग्रह शीघ्र ही प्रकाशित होने वाले हैं। डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ का नाम ओएमजी बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।




