
चार दिन की चांदनी यहाँ
फिर अंधियारी रात,
दादाजी मुझको समझाओ
आई कहाँ से बात?
दादा बोले, सुख दुःख दोनों
इस जीवन में आते,
दोनों को हम हर जीवन में
आगे पीछे पाते।
चार दिन की चांदनी यहाँ
फिर अंधियारी रात,
इसीलिए सब लोग यहाँ पर
कहते सुंदर बात।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०- 8433013409




