साहित्य

एक दिन कहानी बन कर रह जाता है आदमी

कपूर"श्री हंस

जीवन में इतना सब नहीं होना सामान चाहिए।

क्यों भर रहे इतना कुछ कि होना आराम चाहिए।।

जीवन के अंत समय बस दुआएं ही साथ जाती हैं।

जीवन में कुछअच्छा कमाया हुआ बस नाम चाहिए।।

2

क्रोध में वह सब मत गवाओं कि जो पास आया है।

शांत रह कर जिन रिश्तों को आपने कमाया है।।

संघर्ष को बनाएं दोस्त अपना यही आगे ले जाएगा।

बुद्धि विवेक धैर्य परिश्रम से ही सब कुछ पाया है।।

3

संसार में जो भी समस्या उसका बना निदान भी है।

मत गवाओं अपना जीवन जो अनमोल महान भी है।।

एक दिन हम सब कहानी बन कर ही रह जाएंगे।

लोग कहें बाद में कि यह एक अच्छा इंसान भी है।।

4

जिसने मुश्किलों का सामना किया वो आगे बढ़ा है।

जिसने भाग्य को ही कोसा वह आज वहीं खड़ा है।।

यह जीवन प्रभु वरदान जैसा कि एक बार है मिलता।

वही बनता विजेता जाकर कि जो हालातों से लड़ा है।।

*रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”*

*बरेली।।*

*©. @. skkapoor*

*सर्वाधिकार सुरक्षित*

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