
वार सोमवार
दिनांक 22.6.2026
विषय मोबाइल अभिशाप या वरदान
शीर्षक मोबाइल
विद्या कविता
परिवार का हर शख्स
मोबाइल पर है व्यस्त
आपस मे कोई बात नही
सब अपने में मस्त
तकनीक की दुनिया मे
हम ऐसे भागे जा रहे है
वाट्सएप पर फैमिली ग्रुप बन रहे
पर परिवार टूटे जा रहे है
लोग फेसबुक पर
अतीत के मित्रों से जुड़ते जा रहे है
उनकी तस्वीरों को देख
भीतर से कुढ़ते जा रहे है
जिस दिन न देखे फेसबुक वाट्सएप
चिंता में डूबे जाते है
मोबिलेरिया की बीमारी से
पल में तरसत हो जाते है
फेसबुक पर मित्रों की
लंबी लिस्ट जोड़ रहे है
पर बूढे माँ बाप को
वृद्ध आश्रम में छोड़ रहे है
ऐसा न हो रिश्ते टूटें
बाप मिले न मईया
वक्त रहते मोबाइल की
दुनिया से दूर हो जाओ
भईया।
स्वरचित
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




