
प्रेम बिना सूना है लगता , यह सारा संसार।
प्रेम जगत सब मनुज हुआ है, खिलता उससे प्यार।।
प्रेम करें आपस में मिलकर, करते सुभग प्रयास।
जीवन प्रेम आधार होता, मिलता तब विश्वास।
राधा कृष्ण प्रेम है शोभित, मिलता है सुख सार।
प्रेम बिना सूना लगता है, यह सारा संसार।। 1
प्रेम भाव जीवन सुखद रहे, अंतस हो परिपूर्ण।
होता आत्म विकास सभी का, कलुष मिटे जब तूर्ण।
होते सपने पूरे जब ही, हृदय प्रेम की धार।
प्रेम बिना सूना हैलगता , यह सारा संसार।। 2
भक्ति भाव बहता है मन में, मिलते तब रघुवीर।
करते जग कल्याण सभी का, हरते सब की पीर।
सुंदर जग बन जाता जब है, किया प्रेम शृंगार।
प्रेम बिना सूना है लगता , यह सारा संसार।। 3
स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश




