साहित्य

समय बहुत बलवान

सुरेशचन्द्र जोशी,

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय बहुत बलवान।

कदम मिलाकर चलो समय के,

समय बहुत बलवान।।

 

चला समय से कदम मिला जो,

समय बनाता उसे महान।

चला नहीं जो  साथ  समय के,

उसको कहाँ मिला सम्मान।

कदम मिलाकर चलें  समय के,

यह है ईश्वर का वरदान।

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय  बहुत  बलवान।।

 

सूरज सदा समय से उगता,

सदा समय  से  चाँद उगे।

नित्य समय से उगते तारे,

खग-मृग अपने समय जगें।

मानव मानव गले लगो अब,

मिलकर काम करें श्रीमान।

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय बहुत बलवान।।

 

काम करो सब सही समय से,

कल के लिए नहीं छोड़ो।

नियमित काम करो जीवन में,

और वक्त का मुँह मोड़ो।

कभी नहीं जो समय गवाता,

वह ही बनता है धनवान।

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय   बहुत   बलवान।।

 

समय किसी के हाथ न आया,

समय  भागता  रहता है।

चला समय के साथ साथ जो,

समय उसे  यह कहता है।

सदा काल का हाथ पकड़ना,

कभी नहीं करना अपमान।

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय    बहुत   बलवान।।

 

समय बहुत बलवान रे बन्दे,

समय बहुत बलवान।

कदम मिलाकर चलो समय के,

समय बहुत बलवान।।

 

सुरेशचन्द्र जोशी, उत्तराखंड, पिथौरागढ़।

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