और किससे करें आस, बदरिया ।
तुम ही मिटाओ त्रास, बदरिया ।।
सरवर सूखे, तरूवर नंगे,
सारा जहां है उदास, बदरिया ।।
प्राणी सब ही, व्याकुल हो रहे,
बिन अन्न जल घास, बदरिया ।।
ऑंगन सूना ज्यों, रात अमावस,
पिया बिन सूना आवास, बदरिया ।।
तीज त्यौहार लगे, रूखे सूखे,
नीरस सावन मास, बदरिया ।।
दूर रहो पर भूल न जाना,
रहना दिल के पास, बदरिया ।।
तुम बरसो हरषे जग सारा,
नरसिंग करे अरदास, बदरिया ।।
नरसिंगाराम जीनगर निजरूप
बाड़मेर, राजस्थान
©️®️




