
बड़े बुजुर्गों का हमेशा मान -सम्मान रखना।
जो दीउन्होंने संस्कार संस्कृति संज्ञान रखना।।
बड़े बुजुर्ग होते जैसे हो कोई धरोहर घर में।
बात एक ये हमेशा ही मन में ध्यान रखना।।
2
बुजुंगों का साया एक अनमोल रत्न होता है।
घर परिवार की एकता उनका ही यत्न होता है।।
बड़े बुर्जुगों के उपकार कभी मत भूलना।
उनका आशीर्वाद सुख-शांति का मंत्र होता है।।
3
घर परिवार की मान प्रतिष्ठा बुजुर्गों से होती है।
समाज की भी सत्कार इच्छा बुजुर्गों से होती है।।
उनका वरद हस्त करता है कोई जादू- सा काम।
हर संकट की ढाल -सी रक्षा बुजुर्गों से होती है।।
4
उनकी दी हुई विरासत बस संभाल कर रखना।
जो अनुशासन नियम बनाएं उनका ख्याल रखना।।
बुजुर्गों के अनुभव दुनियादारी से सीखो हमेशा ही।
ध्यान रखें कभी नहीं उनके दिल में मलाल रखना।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।
©. @. skkapoor
सर्वाधिकार सुरक्षित




