साहित्य

 शीर्षक राधा कृष्ण की प्रेम कहानी 

निवेदिता सिन्हा

कृष्णा की प्रिय राधा रानी।

बिन विवाह के भी सम्पूर्ण प्रेम कहानी।

जग की सबसे अमर दोनों की प्रेम कहानी !

प्रेम तुम्हारा अजब अनोखा ।

तुम दोनों ने  एक दूजे को तन-मन से चाहा ।

विरह होने पर भी प्रेम न छूटा ।

छोड़ चला गया कान्हा पलट फिर न देखा ।

पर पवित्र पावन प्रेम तुम्हारा ।

कोई किसी भी युग तुम दोनो सा न दिखा ।

हर मंदिर में राधा कृष्ण की मूरत ही दिखा ।

तेरी प्रेम गाथा लिखनें हेतु असमर्थ निवेदिता ।

तेरे नि:स्वार्थ प्रेम की अमिट अद्भूत प्रेम कथा ।

कान्हा की याद में राधा  गुजारी सारी जिन्दगी ।

कृष्ण राधा संग रहे भी नहीं ,

राधा पुकारे तो कान्हा भी नजर आते वही ।

आज भी सारी दुनियाँ राधा कृष्णा की प्रेम दिवानी ।

आज भी जिसके नाम से छलक आए आँखों में पानी ।

भक्ति भाव से परिपूर्ण अमर ये निश्छल  प्रेम कहानी ।

बिन रस्मों के सात फेरों से बढ़ कर अमिट राधा कृष्ण की अमर प्रेम कहानी ।.

 

निवेदिता सिन्हा×

गया जी, बिहार

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