साहित्य

जय बजरंगबली 

डॉ. प्रभा जैन

जय बजरंगबली जय हनुमान जी

बुद्धिशाली बलशाली हो महावीर आप

राम काज करने को आतुर

अष्टसिद्धि के मालिक आप।

 

ॐ जय बजरंगबली

 

चैत्र शुदी पूर्णमासी तिथि को

रूद्र अवतार लिया,

अंजनी माता,पिता पवन कुमार

हर्षित है सब नर-नारी।

 

ॐ जय बजरंगबली

 

कंचन देह दमकती सुन्दर

तेज झलके कण-कण में,

राम नाम सदा होठों पर

राम सीता रहते हनुमान जी के हृदय में।

 

ॐ जय बजरंगबली

 

बालपन में समझा सूर्य को फल

लगा छलांग निगल गये,

हुआ अंधेरा पृथ्वी पर

महिमा सब जान गये।

 

ॐ जय बजरंगबली

 

एक छलांग में नापा समुन्द्र

किया सागर पार,

लंका पहुँचे सीता जी को ढूंढा

श्री रामजी के सहायक बने।

 

ॐ जय श्री बजरंगबली

 

बहुत पिशाच भी डरते तुमसे

संकट सबके हर लेते,

जो नाम आपका जपता

तीन लोक में नाम आपका।

 

ॐ जय श्री जय बजरंगबली

 

जो भी शरण आया तुम्हारी

सबकी रक्षा करी,

रामनाम हरदम मुख में

लक्षमन जी को जीवन दिया।

 

ॐ जय बजरंगबली

ॐ जय बजरंगवली।

 

स्वरचित

डॉ. प्रभा जैन ” श्री ”

देहरादून

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