
जय बजरंगबली जय हनुमान जी
बुद्धिशाली बलशाली हो महावीर आप
राम काज करने को आतुर
अष्टसिद्धि के मालिक आप।
ॐ जय बजरंगबली
चैत्र शुदी पूर्णमासी तिथि को
रूद्र अवतार लिया,
अंजनी माता,पिता पवन कुमार
हर्षित है सब नर-नारी।
ॐ जय बजरंगबली
कंचन देह दमकती सुन्दर
तेज झलके कण-कण में,
राम नाम सदा होठों पर
राम सीता रहते हनुमान जी के हृदय में।
ॐ जय बजरंगबली
बालपन में समझा सूर्य को फल
लगा छलांग निगल गये,
हुआ अंधेरा पृथ्वी पर
महिमा सब जान गये।
ॐ जय बजरंगबली
एक छलांग में नापा समुन्द्र
किया सागर पार,
लंका पहुँचे सीता जी को ढूंढा
श्री रामजी के सहायक बने।
ॐ जय श्री बजरंगबली
बहुत पिशाच भी डरते तुमसे
संकट सबके हर लेते,
जो नाम आपका जपता
तीन लोक में नाम आपका।
ॐ जय श्री जय बजरंगबली
जो भी शरण आया तुम्हारी
सबकी रक्षा करी,
रामनाम हरदम मुख में
लक्षमन जी को जीवन दिया।
ॐ जय बजरंगबली
ॐ जय बजरंगवली।
स्वरचित
डॉ. प्रभा जैन ” श्री ”
देहरादून



