साहित्य

जन्मदिन शुभकामना काव्य संदेश : डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय

दिनेश चन्द्र गुरुगरिया 'द्विज'

जगा जो ग्राम का स्वप्न प्रखर, वही पथ-प्रेरक मान,
वही जन-चेतना का स्रोत, वही जनता का गान।
कलम सुचिंतन से सिंचित, विचारों में संयम सदा,
बने जनभाषा का आलोक, बुझे अंधेरा व्यथा।

संपादक—श्रद्धेय पाण्डेय, ग्राम-दिशा के हित प्रबल,
अखण्ड सत्य का दृढ़ पक्ष, जनहित का निश्चय अचल।
नव जागरण का प्रात:काल, पन्नों पर प्रकट हुआ,
जहाँ विवेक का पुष्प खिला, जहाँ शुचिता का रस ढला।

विकास-गीत, समता-सूत्र, धरा की पीर व्याख्यित,
कृषक-श्रमिक का गौरव-भाव, पत्रकारिता में अभिक्त।
जन्मदिवस इस पुण्य-दिन, मंगल-याचना करे,
यश-आयु-तेज बढ़े निरंतर, गुण-प्रभा नित फूले-फले।

द ग्राम टुडे की कंठ-ध्वनि, अभिनंदन-गान सुनाए,
कि जन-मन श्रद्धा से चुनकर, पुष्प-हार शुभ धरे आए।
सफल हो भावी प्रत्येक पग, उदारता से पूर्ण भार,
विहार करे गुण-शक्ति संग, महान भवितव्य उद्गार।

  1. आत्मीय डॉ शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी को इन काव्य-भावों से हार्दिक शुभकामनाएं
    दिनेश चन्द्र गुरुगरिया ‘द्विज’
    पीसांगन अजयमेरू राजस्थान

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