साहित्य

नवदुर्गा उत्सव

डॉ. नवनीता दुबे नूपुर

शक्ति सुमिरन करें सभी,पूजन करते मात।
नवदुर्गा का आगमन, मिटते दुख आघात।।
नियम धरम उपवास से,जपते दुर्गा नाम।
माता की आराधना, पूरन होते काम।।
नव संवत्सर आ गया,भर लें मन उल्लास।
नव उत्कर्ष फैल रहा,नया वर्ष है पास।।
फूल ,दीप अरु नारियल,हलवा पूरी भोग।
माता को अर्पण करें,चूड़ी चुनरी लोग।।
मंदिर भी अब सज गया,नौ दिन होते खास।
चैत की नवरात्र अतिव,जग प्रसिद्ध इतिहास।।
बहुत सुहाना सा लगे,माता का सिंगार।
मात भवानी अरज है,करना बेड़ापार।।

डॉ. नवनीता दुबे नूपुर©®✍️मंडला,मप्र, मौलिक।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!