साहित्य

परशुराम जी शत-शत नमन

आशा जाकड़

आज है अक्षय तृतीया  मंगल पावन दिन,
आज ही तो बिना विचारै होते शुभ लग्न।
आज परशुराम जयन्ती करें शत- शत नमन,
बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण चरण-दर्शन।

विष्णु के छठे अवतार ,शिव के परम भक्त,
क्रोधी स्वभाव तोड़ा श्रीगणेश का एकदंत।
अश्वमेध यज्ञ कर जीत लिया था पूरा जगत,
निज हित न कुछ ले, किया दान सर्वस्व हित।

पिता ऋषि जमदग्नि,माँ रेणुका की सन्तान,
भीष्म पितामह , कर्ण को दिया शस्त्र -ज्ञान।
परशुराम- जीवन देता संयम विवेक – ज्ञान,
न्याय प्रिय परशुराम थे वीर,पराक्रमी ,महान।

थे ऐसे पितृभक्त मां का शीश काटगिराया,
आज्ञा का रखा मान पिता से वचन बंधाया।
गुणी पुत्र ने भाइयों माँ को जीवित कराया,
धरा को इक्कीसबार क्षत्रिय-रहित कराया।

धनुषतोड़ श्रीराम ने दिया उन्हें सुदर्शनचक्र,
त्रैतायुग धर्मरक्षार्थ दिया कृष्ण को वहीचक्र।
रामायण,महाभारत में हुआ वीर -आगमन,
आज का दिन विशेष पर्व और महत्त्वपूर्ण।
परशुराम जी शत- शत नमन।।

आशा जाकड़
9755969496

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