साहित्य

महावीर हनुमान जयंती

डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

 

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा है,हनुमान जी का जन्म दिवस।
स्नान दान व्रत पूर्णिमा,महावीर का जन्म दिवस।।
पितु केशरी-मातु अंजना के,गर्भ से जन्मे अवतार।
हनुमत जी भगवान रूद्र का,ग्यारहवां हैं अवतार।।

हनुमान जी का इसीलिए नाम,केशरी नंदन भी है।
कई नाम हैं बजरंगी के,एक नाम अंजनी नंदन है।।
श्रीहरि जी के यह सतवें अवतार,श्रीराम के सेवक।
प्रभु राम सदा जिनके दिल में,ऐसे परम सेवक हैं।।

हनु रवि भक्ष लिए हैं तो,त्रिलोक में छाई अँधियार।
देवों के विनती पे छोड़े,रवि कष्ट कटे हो उजियार।।
हवा में उड़ने से बजरंगी,पवन पुत्र हनुमान कहाए।
जानकी माँ को खोजा,श्रीराम को सुख पहुँचाए।।

सीना फाड़ निज हृदय बसे,सीता-राम को दिखाए।
श्रीराम की हर आज्ञा,पालन कर्ता हनुमत कहाए।।
लंका जारि असुर संघारे,सियाराम के प्राण पियारे।
सीता मुँदरी लाए,प्रभु को देकर यह शोक निबारे।।

नयनों के प्राण प्यारे राम लक्ष्मण को काँधे बैठाए।
हनुमत लंका में विभीषण,को भी हैं राज दिलाए।।
संकट मोचक हनुमान जी,सभी के कष्ट सदैव हरे।
लक्ष्मण को शक्ति बाण लगा,लाय संजीवनी धरे।।

श्रीराम संग रह कर,रावण परिवार संग युद्ध किए।
सीता माँ को सकुशल लाए,राम प्रभु को हैं दिए।।
बिन हनुमत के कभी न पूरा,होता श्रीराम दरबार।
जहाँ श्रीराम जी हैं वहाँ,संकट मोचन हैं सरकार।।

ऐसे महावीर बजरंगी की,पावन पुण्य जयंती यह।
हिन्दू सनातन धर्म की है,आस्था पर्व जयंती यह।।
हनुमान जी के प्राकट्य,दिवस की शुभकामनाएँ।
बहुत-बहुत हार्दिक बधाई,व ढ़ेरों शुभकामनाएँ।।

आओ हनुमान जयंती मनाएँ,चलो जयंती मनाएँ।
करें आरती पूजें हनुमत को,श्रीराम के गुण गाएँ।।

*बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,*
*जो कछु संकट होय हमारो।*
*को नहीं जानत है जग में कपि*
*संकट मोचक नाम तिहारो।*

सर्वाधिकार सुरक्षित ©®

रचयिता :

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
श्रीराम भक्त-हनुमान भक्त,वरिष्ठ कवि लेखक एवं समाजसेवी

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