साहित्य

आप ने क्या सुख खोया, कोई लेना देना नहीं, क्या सुख मिल रहा सब कि नज़र 

डॉ रामशंकर चंचल 

बड़ी अजीब दुनिया में जी रहा हूं, जहां आप के कितने ही करीब का हो, उसे इस बात से कोई लेना देना नहीं कि आप ने क्या खोया, कितना महत्वपूर्ण पूर्ण सुख सुकून खोया हो

किसी को इस बात से कोई लेना देना नहीं, हां आप को कोई सुख सुकून मिल रहा है किसी से, या ख़ुद ही जी रहे हो बिना कोई सुख सुकून के मस्त अपने हाल में प्रसन्न तो भी आज यहां सभी को तकलीफ़ हो जाती हैं, है न अजीब दुनिया साहब, यह एक परम् सत्य लिख रहा हूं जिसे हर कोई महसूस करता है,

सोच हैरान हूं, क्या हो गया दुनिया को ,कौन डाकर गया, अपनेपन का अहसास , अपना होने का किसी का सुख सुकून, मानवनीयता संवेदना ओर करुणा दया सब कुछ शून्य सा नज़र आता है यहां और इसी सुख सुकून और ईश्वर तुल्य अच्छाइयों को खो चुका यह समय है जहां आपको जिन है और वह भी

अकेल में मस्त रहे खुश रहे प्रसन्न रहे और फिर कोई कितना भी क़रीब का हो, उसके आगे सदा ही

ख़ुद को दुःखी जताएं और परेशान दिखाए तो आप जी सकते है कुछ सुख से यदि आप के किसी सुख पर किसी की भी नज़र पड़ी तो समझो उसको ग्रहण लग जायेगा, बात आग की तरह फैल जाएगी कि आप

इस तरह खुश है और मस्त है, फिर सभी मिल लग जायेगे आप के सुख सुकून को छीनने में, उसे आप से दूर करने में, अपनी भूमिका पूरी निष्ठा और ईमानदारी से लगा देगे

यह है साहब आज का समय, आज की दुनिया और इसी अजीब दुनिया में आप को अजीब ऊर्जा ताकत समेटे हुए मानवीय सोच और चिंतन रखें हुए, अच्छे इंसान की तरह, उन लाखों करोड़ों से अच्छा बन जीना है, और यह संभव नहीं है पर आप संभव कर जाते है कारण यही है कि

आप सचमुच बेहद अच्छे इंसान हैं देव तुल्य है सब कुछ सहन करते हुए बिना कोई किसी को अहसास कराए सब को सदा ही अपना समझ, खास समझ जी जाते है और वह अपना भी समझ लेता है कि यह कितना पागल है, मुझे अपना समझ लिया, और आप अज्ञानी हो, पागल हो चुपचाप जी लो वरना जो कुछ थोड़ा बहुत बिना कोई सुख सुकून के जी रहे हैं ख़ुद ही अपनी मस्ती में मस्त तो उसे भी यह दुनिया नज़र लगा देगी

 

जितना लिखा जाए इस अजीब दुनिया के अजीब सोच पर कम होगा, बस है ईश्वर सब को सब सुख सुकून दे जो वह चाहता है जी भर के दे कि वह फिर कभी किसी और के सुख सुकून पर नज़र नहीं लगाए

 

 

 

 

डॉ रामशंकर चंचल

झाबुआ मध्य प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!