
फरीदाबाद, हरियाणा। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला एवं अंतर्राष्ट्रीय कलम के सशक्त हस्ताक्षर मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह में बिहार के नवादा की कवयित्री एवं लेखिका ज्योति बरनवाल की पुस्तक “सृजन के दो पंख (J.R.)” का भव्य विमोचन किया गया। साथ ही साझा काव्य संकलन में प्रकाशित उनकी रचनाओं को भी साहित्यप्रेमियों ने सराहा। कार्यक्रम में उनके साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक क्षण तब आया जब ज्योति बरनवाल ने अपनी बेटी को समर्पित कविता का पाठ किया। माँ-बेटी के रिश्ते, प्रेम, त्याग, संस्कार और संवेदनाओं से ओत-प्रोत इस कविता ने उपस्थित श्रोताओं के हृदय को छू लिया। कविता समाप्त होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा और सभी ने उनकी रचना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कविता से प्रभावित होकर मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं साहित्यकारों ने उनकी बेटी को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। यह माँ और बेटी दोनों के लिए अत्यंत भावुक और गर्व का क्षण था। सम्मान प्राप्त करने के बाद बेटी ने भी अपनी माँ के प्रति समर्पित कुछ भावपूर्ण पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे और सभागार तालियों से गूँज उठा।
दिल्ली की प्रसिद्ध ग़ज़ल फनकार दामिनी जी ने ज्योति बरनवाल की रचनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रत्येक रचना एक से बढ़कर एक है तथा उनकी लेखनी में गहराई, संवेदनशीलता और साहित्यिक परिपक्वता दिखाई देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्योति बरनवाल भविष्य में साहित्य जगत में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगी।
समारोह में हरियाणा के माननीय विधायक सहित अनेक विशिष्ट अतिथि, साहित्यकार एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने ज्योति बरनवाल की साहित्यिक उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
ज्योति बरनवाल ने इस सम्मान एवं स्नेह के लिए आयोजकों, अतिथियों, साहित्यकारों तथा उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें साहित्य सृजन के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
ज्योति बरनवाल नवादा (बिहार) ✍️📚🌹




