
धन्यवाद एक छोटा शब्द है,
पर है इसका अर्थ महान,
यह भर देता जीवन में
खुशियों का सुमधुर गान॥
सुबह-सुबह जब सूरज आए,
हमको दे जाए नई सौगात,
धन्यवाद उस प्रभु को कहना,
जिसने दिया यह सुंदर गात॥
माँ की ममता, पिता का साया,
प्यारे मित्रों का सच्चा प्यार,
इन सबके प्रति आभार जताना,
जीवन का है सबसे सच्चा श्रृंगार॥
रास्ते में जो भी हाथ बढ़ाए,
हर मुश्किल में उसका देना साथ,
एक धन्यवाद कह देने से
खिल उठते हैं उनके मनभाव॥
जब मन में हो कृतज्ञता,
दूर हो जाती शिकायत,
जो मिला है उसका सुख मिलता,
मिट जाती खीझ और हताशा॥
धन्यवाद से सब रिश्ते महकें,
जैसे बगिया में महकते फूल,
प्रेम, अपनापन और सम्मान,
बना दें जीवन को अनुकूल॥
कठिन समय की आँधी में भी,
यदि आभार का दीप जले,
तो साहस की किरणें बनकर,
नए विश्वास के फूल खिलें॥
आओ ऐसी आदत डालें,
हर दिन ये हम करें विचार,
किन-किन बातों के लिए
आज हैं हम करते आभार॥
धन्यवाद का भाव जहाँ हो,
वहाँ सदा सुख का होता वास,
छोटा-सा यह शब्द बनाता
जीवन को मधुमय और खास॥
स्वरचित मौलिक अभिव्यक्ति
सुमन बिष्ट, नोएडा




