साहित्य

किशोर की ललकार

जयचन्द प्रजापति

किसी की जमीर पर

लात-घूसा मत मारो

 

उम्र में छोटा है

कमजोर समझ कर

तीर मत चलाओ

 

बच्चा समझकर

मां को अपमानित करोगे

सत्ता का चाबुक चलाओगे

 

ज्यादती करोगे

चीर-फाड़कर रख दूंगा

 

पन्द्रह वर्षीय किशोर की

बोल पड़ी आत्मा

 

जब पुलिस ने उसकी माँ को

अपशब्दों से नवाजा

 

———–

जयचन्द प्रजापति ‘जय’

प्रयागराज

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