
हम मिलने
आये हैं तेरे द्वारे
फूलों के हार
तुमको पहनाने
आये हम तो प्यारे।
झूमें अब तो
संग में गाये गाने
यमुना तट
फिर से भर जायें
ऐसी तान सुनायें।
कुंज गली में
राधा सखियां डोले
बात वहीं तो
ताजी लेकर आये
बंसी कृष्ण सुनाये।
डॉ.उमा रानी दुबे
जयपुर, राजस्थान




